कहानी घर घर की- Antarvasna
Antarvasna stories आरती :प्रिया, कहां है तू, सुबह से ढूंढ रही हूं तुझे कहां चली गयी थी तू Antarvasna । प्रिया: ममा मैं वोह अंदर, करण चाचु से गांड मरवा रही थी, बताइये क्या काम था मुझसे। क्या कहा, तू चाचु से गांड मरवा रही थी, शरम नहीं आयी तुझे। वहां तेरे पापा हाथ में … Read more