छुट्टी का पूरा मजा

रोहित मेरे पास आगरा आए थे और होटल के रूम में बुला कर रोहित ने मुझे खूब चोदा।

तीन बार करने के बाद रोहित पूरी तरह निढाल होकर मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मेरे ऊपर ही सो गया। सुबह उठकर रोहित वापिस चले गया।

एक हफ़्ते बाद रोहित वापिस आए इस एक हफ़्ते में मैं रोहित की याद में हस्त मैथुन करती रही।

रोहित सुबह 10 बजे मेरे रूम पे आए, रोहित ने दरवाज़ा खटखटाया, मैं सन्डे होने के कारण थोड़ी देर पहले ही सो के उठी थी। मैंने जैसे ही दरवाज़ा खोला, रोहित अन्दर आ गया, पीछे से दरवाज़ा बंद करके मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बेतहाशा चुम्बन करने लगे।

रोहित ने कहा- मैं पूरे एक हफ्ते से प्यासा था, आज मेरी प्यास बुझा दो !
मैंने मजाक में कहा- लो पानी पी लो, फिर कोल्ड ड्रिंक भी देती हूँ।
रोहित ने हँसते हुए पानी पी लिया और कहा- कोल्ड ड्रिंक मैं गिलास से नहीं पियूँगा।
मैंने पूछा- फ़िर कैसे?

रोहित ने आगे आकर मुझे किस किया और मेरे मम्मों को दबाते हुए बोले- नए स्टाइल में पियूँगा !!!
मैंने पूछा- कौन सा नया स्टाइल?
रोहित ने कहा- अभी बताता हूँ।

मैंने क्रीम रंग की नाईटी पहनी थी, नीचे काली ब्रा और पैंटी !
“तुम बैठो मैं अभी नहा कर आती हूँ !”
रोहित – चलो, मैं तुम्हें नहलाता हूँ !
मैं- धत्त ! बेशर्म ! मुझे शर्म आती है।
रोहित – जब मैं तुम्हारी मारता हूँ तब तो शर्म नहीं आती?

“अरे नहीं ! आती तो है पर उस समय मैं इतनी गर्म होती हूँ कि मुझे होश ही नहीं रहता।”
” तो चलो ठीक है, मैं तुम्हें गरम करके नहलाता हूँ और कोल्ड ड्रिंक पीने का नया तरीका भी तो बताना है तुम्हें सच्ची बहुत मज़ा आएगा !”
“ऐसा है तो चलो।”
और हम दोनों बाथरूम में घुस जाते हैं।

बाथरूम में घुसते ही रोहित मुझे पकड़ के कस के चूमने लगा और मेरे मम्मे और मेरे गान्ड पर हाथ ने लगा। मुझे मज़ा आने लगा है। रोहित ने शावर खोल दिया और मैं भीगने लगी। रोहित ने टी-शर्ट और जीन्स पहन रखी थी। भीगने से मेरी नाईटी मेरे शरीर से चिपक गयी और मेरे मस्त मम्मे ब्रा में ढके हुए और मेरी पैन्टी साफ़ दिखने गयी। यह देख कर रोहित गरम हो गया और मुझे अपनी तरफ़ खींचने लगा और नीचे घुटनों के बल बैठ कर मेरी नाईटी ऊपर उठा कर मेरी टांगों और जांघों को चूमते हुए मेरी पैन्टी तक पहुँच गया !!

“स्स्स्स्स्स्स श्ह्ही अआया आआः मज़ा आआया आया आ आ रहा है !”

रोहित ने दोनों हाथ मेरी पैन्टी के अन्दर डाल दिया और दाएं हाथ से मेरी गान्ड को और बाएं हाथ से मेरी चूत को सहलाने लगा !
“आआया आया अआया आआअह्ह्ह मज़ा आ आ आआया आआया रहा है।”
यह करते हुए रोहित मुँह से मेरी पैन्टी का एलास्टिक पकड़ कर उसको धीरे धीरे नीचे उतारते लगा।

मेरी गरम चूत देखते ही रोहित के मुँह में पानी आ गया और रोहित मेरी क्लिटोरिस को चूमने और चाटने लगा, मैं आ आया आ आआ अआय आ आआया अह आ आआया आआ अआः करने लगी, में रोहित का
सिर पकड़ कर अपनी चूत पे दबाने लगी, रोहित का हाथ मेरे गान्ड के छेद के आस पास घूमने लगा और
इस तरह से मैं पहली बार मेरा ओर्गास्म हो जाता है, “आआअह मैं मर गई !”

रोहित कहता ह यह तो शुरुआत है। मेरे चूत का रस अपने होठों पे लेकर मेरी नाईटी को ऊपर कर दिया और मेरी ब्रा को खोल कर मेरे मम्मे ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और मेरे सख्त निप्प्ल पर मेरी चूत का जूस होठों से लगा दिया। मेरी ब्रा खुल कर नीचे गिर गयी , मैं नाईटी उतार देती हूं और पैन्टी से पैर निकाल कर बाहर आ जाती हूं।
मैं रोहित के लन्ड की तरफ़ देखती हूं जो एकदम टाईट हो रहा है और रोहित का लन्ड जींस फाड़ कर बाहर आने को बेताब था।
“अरे जान इसको क्यूँ सज़ा दे रहे हो, इसको तो बाहर आने दो !”
“हाँ यह तो बाहर आएगा ही वरना मज़ा क्या आएगा।”
और हम दोनों हँसने लगे।

रोहित – अच्छा तुम जाओ ज़रा चिल्ड कोल्ड ड्रिंक लेकर आओ !
मैं- अरे कोल्ड ड्रिंक का क्या करोगे अभी?
रोहित – जाओ न, मुझे प्यास लगी है मुझे पीना है !
“अच्छा बाबा लाती हूँ पर तुम कपड़े तो उतारो।”
“नहीं कपड़े तुम उतरना मेरे, तब असली मज़ा आएगा।”
अच्छा !

मैं जल्दी से पूरी नंगी हालत में भाग के गई और फ्रीज से सुपर-चिल्ड कोल्ड ड्रिंक-फ़ैंटा निकाल के ले आई।
भाग के जाने से मेरी साँस फूलने लगी और मेरे मम्मे ऊपर नीचे होने लगे।

रोहित – जान तुम्हारे मम्मे कितने अच्छे हैं ! अच्छा अब मैं थोडी देर बाद कोल्ड ड्रिंक पियूँगा और तुम लोलीपोप चूसना।
मैं- लोलीपोप? मैं कोई बच्ची तो नहीं हूँ जो लोलीपोप चूसूंगी !
“मना ना करो, तुम्हारे लिए बहुत टेस्टी लोलीपोप लाया हूँ।”
“अच्छा ! कहाँ है दो।”
“पहले तुम अपनी आँखें बंद करो।”
“मैं अपनी आँखें बंद करती हूं।”

अब रोहित अपना लन्ड निकाल कर उस पर थोड़ा सा कोल्ड ड्रिंक गिरा के मुझ- जानू अपना मुँह खोलो !
मैं अपना मुँह खोलती हूं और रोहित अपना लन्ड मेरे मुँह में दे देता है ।
मैं जीभ से टेस्ट करती हूँ- अरे यह तो ओरंज फ्लेवर लोलीपोप है।
तुम्हे अच्छी लगी !
“हाँ !”
रोहित – तो आंखें खोलो और चूसो !
मैं आँखें खोलती हूं और रोहित का लन्ड देखती हूं- तो यह लोलीपोप है?
हाँ, अब चूसो !

मैं रोहित के जींस का बटन खोल कर अंडरवीअर नीचे करके घुटने तक रोहित का लन्ड चूसने लगती हूं।
रोहित मेरे सर के पीछे से कस के पकड़कर चुसवाने लगता है । रोहित का लंबा मोटा लन्ड मेरे मुँह में पूरा नहीं जा पा रहा था , रोहित मुझे पकड़कर अपने लन्ड को ज़ोर से मेरे मुँह में डालने लगा । मुझे दर्द होने लगा लेकिन अब तक रोहित हाथ मेरे मम्मों को दबाने लगा और मुझे मज़ा आने लगता है। मैं रोहित का पूरा लन्ड लोलीपोप की तरह चूसने लगती हूं।

रोहित आ आआया आआह्ह हह्ह्ह्छ ओऊ ऊऊ ऊऊओ ऊह ऊऊ ऊऊ उफ ! करने लगा।
“बस रुक जाआआओ ! वरना मैं झर जाऊँगा।”
“तो झर जाओ !”
रोहित – नहीं ! मुझे अभी तुम्हारी चूत और गान्ड मारनी है।

मैं हँसते हुए हट जाती हूं। अब रोहित अपने कपड़े उतार के आ जाता है और बोलता है कि अब मुझे कोल्ड ड्रिंक पीनी है
मैं- वो कैसे?
रोहित मुझे अपने सामने खड़़ा करता है और मेरे नंगे शरीर को देख कर कहता है – यह है न ग्लास।
मैं- मतलब?

तुम कोल्ड ड्रिंक की बोतल लेकर अपने होठों से शुरू करके अपने मम्मों, अपनी नाभि अपनी चूत, अपनी गांड जांघों और टांगों पर कोल्ड ड्रिंक डालो धीरे धीरे और मैं पीता जाऊँगा !
“वाओ, यह तो बहुत बढ़िया तरीका है।” है न?
और मैं अपने होठों से कोल्ड ड्रिंक गिरा कर धीरे धीरे नीचे बढती जाती हूं। ठंडी कोल्ड ड्रिंक से बदन में सिहरन उठती है लेकिन रोहित चाटने से मज़ा आऽऽऽऽ हऽऽ आऽऽऽ रहा है। रोहित ऐसे ही चूसते और कोल्ड ड्रिन्क पीता जाता है, मेरे मम्मों पर, चूत में से, गान्ड में से नीचे तक।
मैं- अब मेरी बारी !

अब रोहित खड़े हो जाता है और मैं घुटनों के बल रोहित के आगे बैठ जाती हूं और रोहित के लन्ड पर कोल्ड ड्रिन्क डाल डाल कर पीती रहती हूं और साथ ही रोहित के लन्ड, टट्टे भी चूसती जाती हूं। अब रोहित बिल्कुल गर्म हो जाते हो। मैं जैसे ही कोल्ड ड्रिन्क की बोतल रखने के लिये पलटती हूं, रोहित मुझे पीछे से पकड़ कर मेरे मम्मे नोच लेते है।

मेरी चीख निकल जाती है। इस समय रोहित का लन्ड मेरी गान्ड के छेद के पास गड़ रहा होता है। रोहित मुझे ऐसे अपनी बाहों में उठा लेता है कि रोहित का लन्ड मेरी गान्ड से रगड़ रहा होता है और उठा के मुझे बेड के पास ले जाते है।

वहाँ पहुंच कर रोहित मुझे बेड पे दोनों हाथ और पैर पे बैठने को कहते हो और वैसलीन की शीशी उठा लाता है। मेरी गान्ड के छेद को खूब चूसता है और उस पर वैसलीन लगाता है, और अपने लन्ड पर भी !
मैं- आज क्या पहले गान्ड मारोगे?
“हाँ !”
“तो ठीक है ऐसे मारना मेरी गान्ड फ़ाड़ देना ! ठीक है?”
रोहित पहले दो उंगलियों से मेरी गान्ड का छेद बड़ा करता है, फ़िर धीरे से अपना सख्त लन्ड मेरी गान्ड पर लगाता है और धीरे से मेरी गान्ड मारना शुरू करता है। धीरे धीरे धक्के देते जाता है, रोहित के हाथ मेरे मम्मों पर आ जाते हैं और रोहित उन्हें दबाने लगता है, बीच बीच में दो उंगलियों से मेरे चूत में भी फ़िन्गरिन्ग करता है आऽऽऽहऽऽ आआऽऽ मज़ा आऽऽ रहाऽऽ है… और जोर से और जोर से

” मुझे धीरे में मज़ा नहीं आ रहा, जोर से मारो मेरी गान्ड फ़ड़ दो आज” मैं हवस के बहाव में बोलने लगती हूं।

रोहित जोश में आ जाता है, मेरी जांघें पकड़ कर अपनी तरफ़ खींचता है और एक झटके में अपना पूरा लन्ड मेरी गान्ड में डाल देता है।
मेरी चीख निकल जाती है- आऽऽऽऽह ऽऽआअऽऽऽऽ अऽऽऽऽ मर गई !

इससे पहले कि मैं सम्भल पाती, रोहित मेरी गान्ड जोर जोर से मारने लगता है, पूरा लन्ड बाहर निकाल कर जोर से एक झटके में अन्दर बाहर करने लगता है।
“मुझे बहुत दर्द हो रहा है लेकिन मज़ा भी आ रहा है !”
रोहित अपनी स्पीड बढ़ाते जाता है!
मैं कहती हूं- रुक जाओ प्लीज बस !

रोहित – नहीं आज सचमुच में तुम्हारी गांऽऽऽऽड फ़ाड़ के रहूंगाऽऽऽ”
“मज़ाऽऽऽ आऽऽऽ रहाऽऽऽ है नाऽऽऽ.?”
“हाँऽऽऽऽऽ!
रोहित फ़िर मेरी गान्ड के पट्टों पर थप्पड़ मारता है सटाक सटाक !

मुझे बहुत मज़ाऽऽऽ आऽऽऽ रहा है, मेरे चूतड़ बिल्कुल लाल हो गये और मेरी गांड का बुरा हाल हो गया, लेकिन रोहित रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था !

मेरे बहुत कहने पर रोहित रुके पर एक शर्त पर कि मैं रोहित का लन्ड पर बैठ कर कूदूंगी क्योंकि अभी गान्ड और भी मारनी है !

मैं अच्छा बाबा ! अच्छा ! कह्ती हूं और तुम नीचे लेट जावो मैं तुम्हारे लन्ड पर तुम्हारी तरफ़ मुंह करके बैठ जाती हूं और कूदना शुरू कर देती हूं। अब रोहित को बहुत मज़ा आने लगता है।
आऽऽहऽऽ आऽऽऽऽऽआअ, मेरे लन्ड पर ऐसे ही कूदती रहो !

इस पोजीशन में रोहित का लन्ड बहुत अन्दर तक जा रहा था। एक हाथ से रोहित बारी बारी मेरे मम्मों को मसल रहा था और दूसरे से मेरी चूत को !
मेर क्लाईमैक्स आ रहा है आऽऽहऽऽ आऽऽऽऽ आअ आऽऽऽहऽऽ आअऽऽ अऽऽऽऽ मर गई।
उफ़्फ़्फ़्फ़ ! मेरी चूत के जूस रोहित के हाथ पर और रोहित के पेट पर फ़ैल गया.’ मैं थक गई कूद कूद के”
“अच्छा तो हट जाओ !”
रोहित मेरी चूत क जूस मेरे मम्मों पे लगा देता है और जोर जोर से चूसने लगता है। मेरे मम्मों के बीच टिशु पेपर लगाकर अपना लन्ड रगड़ता है और साफ़ कर लेता है”
रोहित मुझे पेट के बल लेटने को कहता है और तीन तकिये मेरे पेट के नीचे रख देता है।
मैं डर जाती हूं- क्या अभी और गान्ड मारने का इरादा है?
“नहीं जान, अब चूत की बारी है।”
“अरे चूत तो आगे से मारी जाती है।”
“यह नया स्टाईल है !”
“अच्छा कैसे?”
रोहित तकिये मेरे पेट के नीचे रखकर मेरी चूत पर हाथ फ़ेरता है और मेरी टांगें फ़ैला देता है। फ़िर एक झटके में अपना लन्ड मेरी चूत में डाल देता है।

मेरी फ़िर से चीख निकल जाती है- हाऽऽऽऽय आऽऽज क्या जान निकालने का इरादा है?
“नहीं, लेकिन जब दर्द होता है तभी तो मज़ा आता है !”
“हाँ, वो तो है।”

और रोहित जोर जोर से मेरी चूत मारने लगता है। रोहित दोनों हाथों की उन्गलियों के बीच में मेरे सख्त चूचकों को दबा दबा के खींच रहा था और जीभ से चाट और चूस भी रहा था । मैं मुँह नीचे कर के देखती हूं। रोहित का लन्ड पिस्टन की तरह मेरी चूत में जा रहा होता है।
यह देख कर मेरा फ़िर से पानी निकल जाता है, मैं पूछती हूं, तुम्हारा एक बार भी नहीं झड़ा?
रोहित – नहीं ! आज जी भर चोदने के बाद ही झड़ूंगा।

फ़िर रोहित मुझे घसीट के बेड के किनारे पर ले आता है, खुद जमीन पर खड़े हो जाता है और मेरी टांगें चौड़ी करके अपने कन्धों पे रख लेता है और पूरी गति में चोदने लगता है। इस स्थिति में लन्ड पूरा मेरी चूत में बहुत अन्दर तक जा रहा है। रोहित जोर से झटका मारने लगा और मेरी चूत में कुछ गरम गरम लगने लगा।
मैं पूछती हूं- ये क्या है, क्या निकल गया?
रोहित – नहीं, मैंने चूत में मूत दिया है, मज़ा आ रहा है ना?

मुझे इतना मज़ाऽऽऽ आऽऽ रहाऽ है कि मेरा एक बार और निकल जाता है। 10 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद रोहित मुझे उठा के मेज़ के किनारे पर बैठा देता है और मेरी टांगें अपनी पीठ में गोल घेरे के रूप में बांध लेता है और जोर के झटकों के साथ मुझे चोदने लगता है।
“पूरी ताकत से पूरी ताकत से चोदो ! फाड़ दो मेरी चूत को भी !”

और रोहित वास्तव में राजधानी एक्सप्रेस की तरह फुल स्पीड में मेरी चूत की बेदर्दी से चुदाई करने लगा और मेरे मम्मों से खेलने लगा।
अब रोहित कि साँसें तेज़ होने लगती हैं।
रोहित आ आआअह उफ़ फ्फ्फ्फ़ फ्फ्फफ्फ़ मर गया आआअ मेरा निकलने वाला है चिल्लाने लगा !

मैं अपनी टांगों का घेरा बना कर रोहित को अपनी तरफ़ ज़ोर ज़ोर से खीच रही थीं । रोहित अचानक मुझे अपनी बाहों में उठा लेता है इस तरह की मेरी चूत मैं लन्ड घुसा हुआ है और मेरे मम्मे बुरी तरह उछल रहे हैं।

5 मिनट मुझे हिलने को कहता है और मुझे ज़ोर ज़ोर से इसी पोजिशन में उछालते जाता है। स्पीड बढ़ती जाती है और मुँह से आ आआह आया आय आआअह ईईइ ईई आआ आआ ऊऊह्ह्ह्ह्ह की आवाजें आती जाती हैं।

मुझे ऐसे ही उछलाते रोहित एक ज़ोर का झटका मारता है और गर्म सफ़ेद जूस मोटे सख्त लन्ड से निकल कर सीधा मेरी चूत की आग को शांत करते हुए गिर जाता है। मेरी चूत में से एक बार और जूस निकलता है।
रोहित मुझे लेकर बेड पर पास आ जाते हो और मेरे और रोहित जूस बेड पर टपकता है।

हम कुछ देर इसी तरह पड़े रहते हैं।
फ़िर उठ कर मैं रोहित के अपने लिए खाना बनाती हूँ।
और हम खाना खाते हैं।
इस पूरे दौरान मैं और रोहित पूरे नंगे रहते हैं।

खाना खाकर हम दोनों एक दूसरे की बाहों में सो जाते हैं, दो घंटे बाद उठके फ़िर अलग अलग जगह और पोज में खूब चुदाई करते हैं।
रात को भी एक बार चुदाई का दौर चलता है और रोहित अपना लन्ड मेरी चूत में डाल कर ही मुझे अपनी बाहों में भर कर सो जाता है।

सुबह उठकर हम लोग एक दूसरे को 69 पोसिशन में ओरल सेक्स करते हैं।
रोहित कहता है- एक दिन में इतना मज़ा मैंने ज़िन्दगी में कभी नहीं किया और शायद तुम्हारे बिना कर भी नहीं पाता।

मैं भी कहती हूं- हाँ, वास्तव में जितने प्यार से और मज़े से तुम ने मेरी चूत और गान्ड मारी है शायद ही कोई और मारता।
आई लव यू जानू !
रोहित तैयार होने लग जाता तो मैं उदास हो जाती हूं।
रोहित कहता है- चिंता मत करो, मैं जल्दी ही आऊँगा और अपने साथ एक दोस्त को भी लाऊँगा, हम दोनों मिलकर मारेंगे। सोचो एक लन्ड चूत में और एक गान्ड में एक साथ हो तो कितना मज़ा आएगा।

मैंने कहा- हाँ ! फ़िर मैं अपनी सहेली को भी बुला लूंगी और हम सब मिलकर ग्रुप सेक्स करेंगे।
इसी वादे के साथ रोहित चले जाता है !

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